Tuesday, July 30, 2013

पवित्र क़ुरान में मानवता का सन्देश :

और जो लोग तुमसे लड़ते हैं, तुम भी अल्लाह की राह में उनसे लड़ो, मगर ज़्यादती करना की अल्लाह ज़्यादती करने वालो को दोस्त नहीं रखता।"
- क़ुरान 2:190



"ऐ ईमान वालो ! अल्लाह के लिए इन्साफ की गवाही देने के लिए खड़े हो जाया करो और लोगो की दुश्मनी तुम को इस बात पर तैयार करे की इन्साफ छोड़ दो। इंसाफ किया करो की यही परहेज़गारी की बात हैं और अल्लाह से डरते रहो कुछ शक नहीं की अल्लाह तुम्हारे कामो से ख़बरदार हैं।"
- कुरान 5:08

"अल्लाह न्याय और भलाई और रिश्तेदारों के हक़ अदा करने का आदेश देता हैं और बुराई और अश्लीलता और ज़ुल्म  ज़्यादती से रोकता हैं। वह तुम्हे नसीहत करता हैं ताकि तुम शिक्षा लो।"
कुरान 16:90



"जिन लोगो ने तुमसे दीन के बारे में जंग नहीं की और तुमको तुम्हारे घरो से निकाला, उनके साथ भलाई और इन्साफ का सुलूक करने से अल्लाह तुमको मन नहीं करता, अल्लाह तो इन्साफ करने वालो को दोस्त रखता हैं।"
- कुरान 60:08










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