डार्विन की क्रमिक विकास (Evolution) की थ्योरी के अनुसार जीवो में उनकी खाने-पीने और रहन-सहन की आदतो के परिणामस्वरूप शारीरिक बदलाव हुए, इसका आमतौर पर उदहारण यह दिया जाता है कि जिराफ की गर्दन इसलिये ऊंची होती है क्यूंकि उनके पूर्वज ऊंची टहनियों पर लगे पत्ते उचक कर खाया करते थे जिसके परिणामस्वरूप उनके शरीर में बदलाव हुआ उनकी गर्दनें ऊँची हो गयी।
अब यदि कोई ऐसा जीव हो जिसकी गर्दन लंबी और ऊँची हो किन्तु वो अपना सर नीचे ज़मीन की ओर करके खाता हो, फ़िर भी जब सीधा हो तो गर्दन ऊपर की ओर लंबी और ऊँची रहे तो यह डार्विन के क्रमिक विकास के सिद्धांत के बिल्कुल विपरीत और विरुध्द होगा?
मैं आपको ऐसे जीव का नाम बताता हूँ वह जीव है शुतुरमुर्ग (Ostrich) जो खाते समय अपनी लंबी ऊँची गर्दन को नीचे धरती की ओर करके खाता है पत्ते, जड़े, कीड़े-मकोड़े आदि उसका भोजन है जिन्हे खाते समय या किसी ख़तरे का आभास होने पर वह अपना सर नीचे कर लेता है किन्तु इसके बावजूद भी उसके शरीर में परिवर्तन नहीं आया कि उसकी गर्दन नीचे की ओर झुक जाती जैसा कि डार्विन का सिद्धांत बताता है। ऐसे अनेकों तथ्य और गवाहियाँ दुनिया मे मौजूद है जिनसे पता चलता है कि जीवो मे क्रमिक विकास जैसी कोई चीज़ कभी हुई ही नहीं, बल्कि जिस तरह अल्लाह ने उन्हें बनाया वो उसी प्रकार से वैसे ही मौजूद है या कुछ प्रजातिययों का अस्तित्व ख़त्म हो गया किन्तु वो एक जीव से दूसरे जीव में कभी परिवर्तित नहीं हुए।
#TheoryOfEvolution #क्रमिकविकासकासिद्धांत #CreationOfAllah
अब यदि कोई ऐसा जीव हो जिसकी गर्दन लंबी और ऊँची हो किन्तु वो अपना सर नीचे ज़मीन की ओर करके खाता हो, फ़िर भी जब सीधा हो तो गर्दन ऊपर की ओर लंबी और ऊँची रहे तो यह डार्विन के क्रमिक विकास के सिद्धांत के बिल्कुल विपरीत और विरुध्द होगा?
मैं आपको ऐसे जीव का नाम बताता हूँ वह जीव है शुतुरमुर्ग (Ostrich) जो खाते समय अपनी लंबी ऊँची गर्दन को नीचे धरती की ओर करके खाता है पत्ते, जड़े, कीड़े-मकोड़े आदि उसका भोजन है जिन्हे खाते समय या किसी ख़तरे का आभास होने पर वह अपना सर नीचे कर लेता है किन्तु इसके बावजूद भी उसके शरीर में परिवर्तन नहीं आया कि उसकी गर्दन नीचे की ओर झुक जाती जैसा कि डार्विन का सिद्धांत बताता है। ऐसे अनेकों तथ्य और गवाहियाँ दुनिया मे मौजूद है जिनसे पता चलता है कि जीवो मे क्रमिक विकास जैसी कोई चीज़ कभी हुई ही नहीं, बल्कि जिस तरह अल्लाह ने उन्हें बनाया वो उसी प्रकार से वैसे ही मौजूद है या कुछ प्रजातिययों का अस्तित्व ख़त्म हो गया किन्तु वो एक जीव से दूसरे जीव में कभी परिवर्तित नहीं हुए।
#TheoryOfEvolution #क्रमिकविकासकासिद्धांत #CreationOfAllah











